📌 Banking frauds का नया तरीका! सबसे पहले खाते में पैस आएंगे, उसके बाद पैसे साफ हो जाएंगे आपकी सारी मेहनत की कमाई साफ हो सकती हैं
Banking Frauds: आज के समय में अपराधी भी नए नए तरीके से साइबर क्राइम को अंजाम दे रहे हैं. आपके बैंक अकाउंट में जमा पैसा हो या आपकी पर्सनल डीटेल्स. इनकी जानकारी हासिल करने के लिए फ्रॉड हर बार नए नए तरीके अपनाते हैं. अगर भुल से भी इसमें कोई फंस जाता है, तो इसकी भारी कीमत चुकानी भी पड सकती है. हाल के दिनों में बैंक फ्रॉड के मामलों कई ज्यादा देखने को मिलता है. इसमें अब एक और नया तरीका सामने आया है. जो आज में आपको इस आर्टिकल में बताने वाला हु. की किस तरह से फ्रॉड होता हैं और इस तरह के फ्रॉड से हम कैसे बच सकते हैं।
📌 बैंक अकाउंट फ्रॉड का नया तरीका
हाल ही में बैंक फ्रॉड को लेकर एक नया तरीका सामने आया है जिसमे फ्रॉड करने वाला व्यक्ति आपके बैंक अकाउंट में सबसे पहले तो अपनी तरफ से कुछ रकम ट्रांसफर करता है. और उसके बाद आपको फोन कॉल करता हैं और बोलता है की मेने आपके अकाउंट से गलती से पैसे ट्रांसफर कर दिए हैं। और भेजे गए रकम को वापस लेने के लिए आपसे आपके बैंक अकाउंट से जुडी सारी जानकारी हासिल कर लेता है. और एक बार खाते की जानकारी फ्रॉड के हाथ में लग गई तो आपका बैंक अकाउंट हैक हो जाएगा. उसके बाद बैंक में जमा आपकी सारी मेहनत की कमाई साफ हो जाएगी.
📌 हम लोग इस तरह के बैंक फ्रॉड से कैसे बच सकते हैं?
1. तो सबसे पहले तो आपको अपने बैंक खाते की जानकारी कभी भी किसी के साथ साझा नही करनी चाहिए अगर आपके पास भी इस तरह का कॉल आता है कि गलती से आपके खाते में पैसा ट्रांसफर हो गया है, तो आपको उस व्यक्तिगत से बातचीत के लिए आपके सामने बुलाएं. और इसके अलावा आप उस को चेक या कैश के जरिए ही पेमेंट करने को कहें. ऐसे में आप इस तरह के साइबर क्राइम के धोखागढ़ी के शिकार होने से बच सकते हैं. क्योंकि एक छोटी सी गलती के कारण ही आपकी जमा राशि साफ हो सकती है.
2. साइबर क्राइम से बचने के आसान तरीके कोन से है?डिजिटल इंडिया में कई पब्लिक प्लेसेज में फ्री का वाईफाई की सुविधा मिलती है. और कई लोग तो अपना इंटरनेट डेटा बचाने के लिए अक्सर फ्री वाईफाई का इस्तेमाल करते हैं. लेकिन ये सुरक्षित नहीं है. क्योंकि इस तरह के वाईफाई से कभी भी कोई भी ट्रांजेक्शन करने पर आपकी गोपनीय जानकारी साइबर अपराधियों को मिल जाती है.
3. इंटरनेट बैंकिंग करते समय आपको मोबाइल या अपना लैपटॉप से लॉग इन करना होता है. लोग अपनी सुविधा के लिए अपना नाम, मोबाइल नंबर, जन्मतिथि नाम से ही अपना पासवर्ड बना लेते हैं. ऐसी गलती आपको कभी भी नही करनी चाहिए क्योंकि ऐसे पासवर्ड का कोई भी आसानी से पता कर सकता है.
4. साइबर ठग कई बार अपने मोबाइल पर मैसेज और ई-मेल में कुछ अनजान लिंक भेजते हैं, जिन मैसेज में आपको लकी ऑफर या कैशबैक देने का वादा किया जाता है. कई बार लोग लालच में आकर उस लिंक पर क्लिक कर देते हैं. जैसे ही उस लिंक पर क्लिक करते हैं। तो इससे उनकी व्यक्तिगत की सारी जानकारी ठगों के पास पहुंच जाती है. और एक ही झटके में उनका बैंक अकाउंट खाली हो जाता है.
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2 टिप्पणियाँ
Very helpful
जवाब देंहटाएंThankyou 🙏
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