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Banking Fraud: बैंक के OTP के नाम से हो रहा है फ्रॉड, आपका भी अकाउंट खाली हो सकता है , ऐसे रहे सावधान
Banking Fraud - साइबर फ्रॉड वाले आपके फोन के मैसेजों को हैक कर लेते हैं। ऐसे में आपके मोबाइल फोन के मैसेज को किसी और दूसरे फोन पर डायवर्ट कर दिया जाता है।
आज कल के समय में बैंकिंग सेवाएं जितनी तेजी से डिजिटल हो रही हैं, उतनी ही तेजी से धोखेबाज अपना जाल फैलाते जाते हैं। अभी तक बैंक अकाउंट में रखे धन की सुरक्षा के लिए डिजिटल ट्रांजेक्शन के लिए टू-फैक्टर-ऑथेंटिकेशन और ओटीपी एसएमएस वैरिफिकेशन का सबसे सुरक्षित जरिया मानते रहे हैं। अगर हम बैंक में किसी भी प्रकार के लेनदेन और फंड ट्रांसफर करते है तो हमे हमेशा ओटीपी देना पड़ता हैं और ये जरूरी भी हैं। लेकिन फ्रॉड करने वालों ने कई नए नए तरीके भी निकाल ना शुरू कर दिया है। आज में आपको इस आर्टिकल में यही बताने वाला हु के किस तरह से OTP फ्रॉड होता हैं और आप इस फ्रॉड से कैसे बच सकते हैं
हाल में ही मेने एक न्यूज पढ़ी थी उसमे बताया था कि फ्रॉड करने वाले ओटीपी सिक्योरिटी में भी सेंध लगा रहे हैं। यानी की ओटीपी उनके पास चला जाता हैं। आपके साथ भी कभी ऐसा हुआ होगा कि हमारे ट्रांजेक्शन के बाद कभी कभी तो तुरंत ओटीपी या मैसेज आ जाता है। लेकिन वही कभी कभी otp काफी समय के बाद भी नही आता हैं। हमे लगता हैं की शायद नेटवर्क समस्या हो सकती हैं। लेकिन यह फ्रॉड की वजह से भी हो सकती हैं।
📌 आइए जानते है की कैसे होता है ओटीपी फ्रॉड
जो साइबर फ्रॉड होता है वह आपके फोन के मैसेजों को हैक कर लेता हैं। ऐसे में आपके मोबाइल के मैसेज को किसी और के दूसरे फोन पर डायवर्ट कर दिया जाता है। ऐसे में आपका मैसेज हैकर्स के पास भी पहुंच सकता है। जो हैकर्स होते हैं वे आपके ओटीपी वाले मैसेज से ट्रांजैक्शन कर लेते हैं और आपको भनक भी नहीं पड़ती। यानी की आपको पता भी नही चलेगा के किसने आपके बैंक से ट्रांजैक्शन किया हैं। हालांकि बैंकिंग ट्रांजैक्शन में ये काम करना काफी मुश्किल है क्यू की इसमें ऑथेंटिकेशन के कई प्रोसेस से गुजरना पड़ता है। लेकिन आपको फिर भी हमेशा सावधान रहने की जरूरत है.
📌 OTP फ्रॉड से कैसे बच सकते हैं?
- इस तरह के फ्रॉड से बचने का तरीका यह है कि आप कम से कम मैसेज सर्विस का इस्तेमाल करें।
- आपको टू-फैक्टर-ऑथेंटिकेशन का हमेशा इस्तेमाल करना चाहिएंं।
- यदि आपको वहा पर विकल्प मिले तो ई-मेल पर ओटीपी मंगाएं।
Note
दोस्तो आप लोगो को यह आर्टिकल कैसा लगा और इस आर्टिकल का लिखने का मकसद यही है की आप लोग सावधान रहें सुरक्षित रहें और हो सके तो आप इसको शेयर जरूर करे और मेने और भी आर्टिकल लिखा है आप उसको भी जरूर पढ़े
📌 Banking Fraud: बैंक के OTP के नाम से हो रहा है फ्रॉड, आपका भी अकाउंट खाली हो सकता है , ऐसे रहे सावधान
Banking Fraud - साइबर फ्रॉड वाले आपके फोन के मैसेजों को हैक कर लेते हैं। ऐसे में आपके मोबाइल फोन के मैसेज को किसी और दूसरे फोन पर डायवर्ट कर दिया जाता है।
आज कल के समय में बैंकिंग सेवाएं जितनी तेजी से डिजिटल हो रही हैं, उतनी ही तेजी से धोखेबाज अपना जाल फैलाते जाते हैं। अभी तक बैंक अकाउंट में रखे धन की सुरक्षा के लिए डिजिटल ट्रांजेक्शन के लिए टू-फैक्टर-ऑथेंटिकेशन और ओटीपी एसएमएस वैरिफिकेशन का सबसे सुरक्षित जरिया मानते रहे हैं। अगर हम बैंक में किसी भी प्रकार के लेनदेन और फंड ट्रांसफर करते है तो हमे हमेशा ओटीपी देना पड़ता हैं और ये जरूरी भी हैं। लेकिन फ्रॉड करने वालों ने कई नए नए तरीके भी निकाल ना शुरू कर दिया है। आज में आपको इस आर्टिकल में यही बताने वाला हु के किस तरह से OTP फ्रॉड होता हैं और आप इस फ्रॉड से कैसे बच सकते हैं
हाल में ही मेने एक न्यूज पढ़ी थी उसमे बताया था कि फ्रॉड करने वाले ओटीपी सिक्योरिटी में भी सेंध लगा रहे हैं। यानी की ओटीपी उनके पास चला जाता हैं। आपके साथ भी कभी ऐसा हुआ होगा कि हमारे ट्रांजेक्शन के बाद कभी कभी तो तुरंत ओटीपी या मैसेज आ जाता है। लेकिन वही कभी कभी otp काफी समय के बाद भी नही आता हैं। हमे लगता हैं की शायद नेटवर्क समस्या हो सकती हैं। लेकिन यह फ्रॉड की वजह से भी हो सकती हैं।
📌 आइए जानते है की कैसे होता है ओटीपी फ्रॉड
जो साइबर फ्रॉड होता है वह आपके फोन के मैसेजों को हैक कर लेता हैं। ऐसे में आपके मोबाइल के मैसेज को किसी और के दूसरे फोन पर डायवर्ट कर दिया जाता है। ऐसे में आपका मैसेज हैकर्स के पास भी पहुंच सकता है। जो हैकर्स होते हैं वे आपके ओटीपी वाले मैसेज से ट्रांजैक्शन कर लेते हैं और आपको भनक भी नहीं पड़ती। यानी की आपको पता भी नही चलेगा के किसने आपके बैंक से ट्रांजैक्शन किया हैं। हालांकि बैंकिंग ट्रांजैक्शन में ये काम करना काफी मुश्किल है क्यू की इसमें ऑथेंटिकेशन के कई प्रोसेस से गुजरना पड़ता है। लेकिन आपको फिर भी हमेशा सावधान रहने की जरूरत है.
📌 OTP फ्रॉड से कैसे बच सकते हैं?
- इस तरह के फ्रॉड से बचने का तरीका यह है कि आप कम से कम मैसेज सर्विस का इस्तेमाल करें।
- आपको टू-फैक्टर-ऑथेंटिकेशन का हमेशा इस्तेमाल करना चाहिएंं।
- यदि आपको वहा पर विकल्प मिले तो ई-मेल पर ओटीपी मंगाएं।
Note
दोस्तो आप लोगो को यह आर्टिकल कैसा लगा और इस आर्टिकल का लिखने का मकसद यही है की आप लोग सावधान रहें सुरक्षित रहें और हो सके तो आप इसको शेयर जरूर करे और मेने और भी आर्टिकल लिखा है आप उसको भी जरूर पढ़े

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